Solar Rooftop Subsidy Scheme: कैसे लेना है इस योजना का लाभ, कौन कौन आवेदन कर सकते है और सोलर प्लेट कौन सी अच्छी रहती है?

Solar Rooftop Subsidy Scheme

Solar Rooftop Subsidy Scheme: आज के समय में लोग बिजली बिल को लेकर बहुत परेशान रहते है क्योंकि हर महीने सैलरी के एक बहुत बड़ा हिस्सा बिजली बिल भरने में ही चला जाता है। अगर आप बिजली के बढ़ते बिल से परेशान हैं या अपने घर को पर्यावरण के अनुकूल बनाना चाहते हैं तो सोलर रूफटॉप सब्सिडी योजना (Solar Rooftop Subsidy Scheme) आपके लिए एक शानदार मौका है। ये भारत सरकार (Government of India) की एक पहल है जिसे नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के तहत चलाया जा रहा है।

इसका मकसद है कि लोग अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगाएं और सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करें। सरकार इसके लिए सब्सिडी देती है ताकि शुरुआती खर्च कम हो और ज्यादा से ज्यादा लोग इसे अपनाएं। आइए आज के आर्टिकल में आपको सोलर रूफटॉप सब्सिडी योजना का कैसे लाभ लेना है, कैसे आवेदन करना है और कौन सी सोलर प्लेट आपके लिए सही रहने वाली है इसकी पूरी जानकारी देते है।

सोलर रूफटॉप सब्सिडी योजना क्या है (What is Solar Rooftop Subsidy Scheme)?

सोलर रूफटॉप सब्सिडी योजना (Solar Rooftop Subsidy Scheme) एक ऐसी स्कीम है जिसमें भारत सरकार (Government of India) घरों, दफ्तरों या व्यावसायिक इमारतों की छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए वित्तीय मदद देती है। इसे पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana) के नाम से भी जाना जाता है जिसे फरवरी 2024 में शुरू किया गया। इस योजना का लक्ष्य है कि 1 करोड़ घरों में सोलर पैनल लगाए जाएं और हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जाए। इसमें 1 किलोवाट से लेकर 3 किलोवाट तक के सोलर सिस्टम पर सब्सिडी मिलती है जो सिस्टम की लागत का 40% से 60% तक हो सकती है।

इसके लाभ क्या-क्या हैं (Benefits of Solar Rooftop Subsidy Scheme)?

इस योजना के कई फायदे हैं जो इसे भारत (India) के हर घर के लिए उपयोगी बनाते हैं –

बिजली बिल में बचत: सोलर पैनल से अपनी बिजली बनाएं और हर महीने 2,000-3,000 रुपये तक की बचत करें।
सब्सिडी का फायदा: 1 किलोवाट पर 30,000 रुपये, 2 किलोवाट पर 60,000 रुपये और 3 किलोवाट पर 78,000 रुपये तक की सब्सिडी मिलती है।
अतिरिक्त कमाई: नेट मीटरिंग के जरिए अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचकर पैसे कमा सकते हैं।
पर्यावरण संरक्षण: सौर ऊर्जा से कार्बन उत्सर्जन कम होता है, जिससे पर्यावरण को फायदा मिलता है।
लंबी उम्र: सोलर पैनल 20-25 साल तक चलते हैं, यानी एक बार का निवेश लंबे समय तक फायदा देता है।
ऊर्जा स्वतंत्रता: बिजली कटौती की समस्या से छुटकारा और अपने घर को आत्मनिर्भर बनाएं।

कौन-कौन आवेदन कर सकता है (Eligibility for Solar Rooftop Subsidy Scheme)?

इस योजना में आवेदन करने के लिए कुछ शर्तें हैं और इन शर्तों के अनुसार ही इस योजना में आवेदन किया जा सकता है। देखिये कौन कौन सी शर्तें इसमें लागु की गई है –

  • आवेदक भारत (India) का नागरिक होना चाहिए।
  • आपके पास बिजली कनेक्शन होना जरूरी है, जिसे डिस्कॉम (बिजली वितरण कंपनी) से लिया गया हो।
  • आपके घर की छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए पर्याप्त जगह होनी चाहिए (1 किलोवाट के लिए 10 वर्ग मीटर, 3 किलोवाट के लिए 30 वर्ग मीटर)।
  • उम्र 18 साल से ज्यादा होनी चाहिए।
  • आपने पहले किसी दूसरी सोलर सब्सिडी योजना का लाभ नहीं लिया हो।
  • ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोग आवेदन कर सकते हैं। गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है।

आवेदन की पूरी प्रक्रिया (Application Process for Solar Rooftop Subsidy Scheme)?

सोलर रूफटॉप सब्सिडी योजना में आवेदन करना आसान कर दिया है और आप बिना किसी भी परेशानी के इस योजना में आवेदन कर सकते है और अपने घर पर सोलर पैनल पगवा सकते है। देखिये इसमें आवेदन करने की प्रक्रिया क्या है –

  1. सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट solarrooftop.gov.in या pmsuryaghar.gov.in पर जाएं।
  2. होमपेज पर “Apply for Rooftop Solar” या “Register Here” के ऑप्शन पर क्लिक करें।
  3. अपना राज्य, जिला, बिजली वितरण कंपनी (DISCOM) का नाम, कंज्यूमर नंबर और मोबाइल नंबर डालें।
  4. OTP वेरिफिकेशन को पूरा करना है और मोबाइल पर आए OTP से लॉगिन करें।
  5. सोलर सिस्टम की क्षमता (1, 2 या 3 किलोवाट) और दूसरी जानकारी फॉर्म में भरें।
  6. आधार कार्ड, बिजली बिल, बैंक पासबुक, और छत की फोटो अपलोड करें।
  7. फॉर्म चेक करके सबमिट करें। आपको एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलेगा।
  8. DISCOM आपका आवेदन वेरिफाई करेगा। मंजूरी मिलने पर सोलर पैनल लगवाएं।
  9. इंस्टॉलेशन के बाद नेट मीटर के लिए अप्लाई करें।
  10. वेरिफिकेशन के बाद सब्सिडी आपके बैंक खाते में 30 दिनों के अंदर आ जाएगी।
  11. हेल्पलाइन नंबर 1800-180-3333 पर भी संपर्क कर सकते हैं।

सब्सिडी की राशि (Amount of Subsidy)

सोलर रूफटॉप सब्सिडी योजना (Solar Rooftop Subsidy Scheme) में सब्सिडी सोलर सिस्टम की क्षमता के हिसाब से दी जाती है। ये राशि इस तरह है:

  • 1 किलोवाट सिस्टम: अगर आप 1 किलोवाट का सोलर पैनल लगाते हैं, तो आपको 30,000 रुपये की सब्सिडी मिलेगी। इसकी औसत लागत 45,000-50,000 रुपये होती है, जिसमें से सरकार 60% तक मदद करती है।
  • 2 किलोवाट सिस्टम: 2 किलोवाट के सिस्टम पर 60,000 रुपये की सब्सिडी मिलती है। इसकी कुल लागत 90,000-1,00,000 रुपये के आसपास होती है, यानी लगभग 60% कवर हो जाता है।
  • 3 किलोवाट सिस्टम: 3 किलोवाट तक के सिस्टम के लिए आपको 78,000 रुपये की सब्सिडी मिलेगी। इसकी लागत 1,35,000-1,50,000 रुपये हो सकती है, जिसमें सरकार 50-55% तक का योगदान देती है।
  • 3 किलोवाट से ऊपर: अगर आप 3 किलोवाट से ज्यादा का सिस्टम लगाते हैं (10 किलोवाट तक), तो सब्सिडी सिर्फ पहले 3 किलोवाट पर ही मिलेगी, यानी अधिकतम 78,000 रुपये।

सब्सिडी कैसे तय होती है (How Subsidy is Calculated)?

सब्सिडी की राशि सिस्टम की बेंचमार्क लागत और भारत सरकार (Government of India) की नीति पर आधारित है। अभी मार्च 2025 तक MNRE ने तय किया है कि 1-3 किलोवाट तक के सिस्टम पर 40-60% तक की सब्सिडी दी जाएगी। ये राशि सीधे आपके बैंक खाते में आती है लेकिन इसके लिए सोलर पैनल लगाने के बाद नेट मीटरिंग और DISCOM (बिजली वितरण कंपनी) से वेरिफिकेशन जरूरी है। अगर आप ग्रामीण इलाके में हैं या विशेष राज्य (जैसे पूर्वोत्तर, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर) में रहते हैं तो सब्सिडी थोड़ी ज्यादा भी हो सकती है।

मान लीजिए आप 2 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगाते हैं जिसकी लागत 1,00,000 रुपये है। इसमें से सरकार आपको 60,000 रुपये की सब्सिडी देगी। आपको सिर्फ 40,000 रुपये देने होंगे। अगर आपकी बिजली की जरूरत 200-300 यूनिट महीने की है तो ये सिस्टम 4-5 साल में अपना खर्च निकाल लेगा और फिर 20 साल तक मुफ्त बिजली देगा।

सोलर प्लेट कौन सी लगवानी चाहिए (Which Solar Panel to Choose)?

सोलर पैनल जब भी आप लगवाने का प्लान करते है तो आपको इसमें कुछ जरुरी बातों का ध्यान रखना बहुत ही जरुरी होता है नहीं तो आप गलत सोलर पैनल पगवा बैठेंगे तो फिर आपको काफी नुकसान का सामना करना पड़ेगा।

क्षमता: अपने घर की बिजली जरूरत के हिसाब से चुनें। छोटे घर के लिए 1-2 किलोवाट, मध्यम घर के लिए 3 किलोवाट काफी है।
क्वालिटी: भारत में बने सोलर पैनल चुनें, जैसे टाटा, अदानी, लूम सोलर या वेयर, क्योंकि सब्सिडी के लिए ये जरूरी है।
दक्षता: हाई एफिशिएंसी वाले पैनल (18-22%) लें, ताकि कम जगह में ज्यादा बिजली बने।
वारंटी: 25 साल की परफॉर्मेंस वारंटी वाले पैनल चुनें।
वेंडर: सरकार से मान्यता प्राप्त वेंडर से ही खरीदें, जो DISCOM की लिस्ट में हो।

सोलर प्लेट कितने प्रकार की होती है (Types of Solar Panels)?

सोलर पैनल मुख्य रूप से तीन तरह के होते हैं:

मोनोक्रिस्टलाइन सोलर पैनल (Monocrystalline):

  • ये सिंगल क्रिस्टल सिलिकॉन से बनते हैं।
  • दक्षता: 18-22%, सबसे ज्यादा बिजली पैदा करते हैं।
  • रंग: काला, आकर्षक दिखता है।
  • कीमत: थोड़ी ज्यादा (लगभग 40-50 रुपये प्रति वाट)।
  • जगह: कम जगह लेते हैं।

पॉलीक्रिस्टलाइन सोलर पैनल (Polycrystalline):

  • कई क्रिस्टल सिलिकॉन से बनते हैं।
  • दक्षता: 15-18%, मध्यम प्रदर्शन।
  • रंग: नीला।
  • कीमत: सस्ते (30-40 रुपये प्रति वाट)।
  • जगह: थोड़ी ज्यादा जगह चाहिए।

थिन फिल्म सोलर पैनल (Thin Film):

  • पतली परतों से बनते हैं, हल्के होते हैं।
  • दक्षता: 10-12%, कम बिजली पैदा करते हैं।
  • कीमत: सबसे सस्ते, लेकिन रूफटॉप के लिए कम इस्तेमाल होते हैं।
  • जगह: ज्यादा जगह लेते हैं।

निष्कर्ष (Conclusion)

सोलर रूफटॉप सब्सिडी योजना (Solar Rooftop Subsidy Scheme) भारत (India) में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और बिजली बिल कम करने का बेहतरीन तरीका है। ये योजना हर भारतीय के लिए खुली है और ऑनलाइन प्रक्रिया इसे आसान बनाती है। अगर आपके पास जगह और थोड़ा बजट है तो मोनोक्रिस्टलाइन या पॉलीक्रिस्टलाइन पैनल चुनें। आज ही solarrooftop.gov.in पर अप्लाई करें और अपने घर को सोलर पावर से रोशन करें। सवाल हो तो हेल्पलाइन पर पूछ लें और अपने भविष्य को हरा-भरा बनाएं।

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