मध्य प्रदेश सरकार ने हाल ही में राज्य के 21 लाख श्रमिकों के लिए बड़ी खुशखबरी दी है। अब उनकी जेब में हर महीने 1625 से 2434 रुपये तक ज्यादा आएंगे। ये फैसला इंदौर हाईकोर्ट के एक बड़े निर्णय के बाद लिया गया है और 1 मार्च 2025 से लागू होगा। आज हम आपको इस योजना की पूरी बताएंगे – इसका क्या मतलब है, कैसे हुआ, कौन इसका फायदा लेगा और क्या-क्या ध्यान रखना है।
एमपी के श्रमिकों के लिए ये खबर इसलिए खास है क्योंकि इसके पीछे सालों की मेहनत और कोर्ट की लंबी लड़ाई है। साथ ही सरकार ने नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारियों के लिए भी नई नीति लाई है जिससे 32 हजार से ज्यादा लोग और उनके परिवार वाले फायदा उठाएंगे। तो चलो सारी डिटेल्स समझते हैं।
न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी – कैसे लागु हुई
मध्य प्रदेश में 21 लाख श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन बढ़ाने का ऐलान हुआ है। हर महीने उनकी तनख्वाह में 1625 से 2434 रुपये तक का इजाफा होगा। ये बढ़ोतरी इंदौर हाईकोर्ट के 10 फरवरी 2025 के फैसले के बाद आई जिसमें श्रम विभाग को कहा गया कि अलग-अलग उद्योगों के हिसाब से वेतन तय करो। ये नया वेतन 1 मार्च 2025 से लागू होगा।
इसके पीछे एक लंबी कहानी है। नवंबर 2019 में न्यूनतम वेतन सलाहकार बोर्ड ने 25% वेतन बढ़ाने की सलाह दी थी। सरकार ने इसे 1 अप्रैल 2024 से लागू भी कर दिया था लेकिन मध्यप्रदेश टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन ने कोर्ट में चुनौती दी और स्टे लगवा दिया। फिर 3 दिसंबर 2024 को स्टे हटा और 10 फरवरी 2025 को कोर्ट ने फाइनल ऑर्डर दिया। अब जाकर ये बढ़ोतरी पक्की हुई है।
कौन-कौन उठा सकेगा फायदा?
ये बढ़ोतरी राज्य के 21 लाख श्रमिकों के लिए है जो अलग-अलग उद्योगों में काम करते हैं। इसमें शामिल कौन कौन शामिल है और किन किन लोगों को इसका लाभ मिलेगा देखिये :
- फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूर।
- निर्माण कार्य करने वाले।
- दुकानों और छोटे कारोबार में लगे लोग।
- खेती से जुड़े कुछ काम जैसे मुर्गी पालन या मछली पालन।
हालांकि टेक्सटाइल, कपड़ा और जूता बनाने वाले उद्योगों के करीब 4 लाख श्रमिकों को अभी इंतजार करना होगा क्योंकि उनके लिए नई दरें बाद में तय होंगी। बाकि श्रमिकों के लिए ये लागु हो गई और सभी को अब लाभ मिल शुरू होने जा रहा है।
बढ़ोतरी की प्रक्रिया कैसे हुई?
ये कोई रातों-रात का फैसला नहीं था। नवंबर 2019 में न्यूनतम वेतन सलाहकार बोर्ड ने कहा कि वेतन में 25% बढ़ोतरी होनी चाहिए। इसके बाद सरकार ने 1 अप्रैल 2024 से इसे लागू करने का नोटिफिकेशन निकाला लेकिन इस पर टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन ने कोर्ट में केस कर स्टे ले लिया। 3 दिसंबर 2024 को स्टे हटा और 10 फरवरी 2025 को हाईकोर्ट ने सरकार को नई दरें लागू करने का ऑर्डर दिया। अब 1 मार्च 2025 से ये नया वेतन मिलेगा।
इसके लागु होने के फायदे क्या-क्या हैं?
इस न्यूनतम वेतन के लागु होने के बाद में कर्मचारियों को कई लाभ मिलने वाले है। देखिये कौन कौन से लाभ आपको इसके लागु होने के बाद में मिलने वाले है। –
- जेब में ज्यादा पैसा आएगा और हर महीने 1625 से 2434 रुपये की बढ़ोतरी से श्रमिकों को राहत मिलेगी।
- बेहतर जिंदगी होगी और खाने-पीने, बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्च में मदद होगी।
- मेहनत का सही दाम मिलने से काम करने का जोश बढ़ेगा।
- अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी और लोग ज्यादा खर्च करेंगे तो बाजार में मांग बढ़ेगी।
संविदा कर्मचारियों के लिए नई नीति
न्यूनतम वेतन के अलावा सरकार ने NHM के तहत 32 हजार से ज्यादा संविदा कर्मचारियों के लिए भी नई पॉलिसी लाई है। इससे करीब 1.5 लाख लोग फायदा उठाएंगे। इसके खास नियम हैं देखिये क्या क्या है –
- सेवा खत्म करने का अधिकार: सिर्फ NHM मिशन संचालक ही नौकरी खत्म कर सकता है।
- वेतन बढ़ोतरी: CPI (उपभोक्ता मूल्य सूचकांक) के हिसाब से हर साल वेतन बढ़ेगा।
- मातृत्व अवकाश: गर्भवती महिलाएं डिलीवरी के 6 हफ्ते बाद जॉइन कर सकती हैं।
- पितृत्व अवकाश: पुरुष कर्मचारियों को भी छुट्टी मिलेगी।
- ट्रांसफर: जिला स्वास्थ्य समिति जिले के अंदर ट्रांसफर कर सकती है।
- अनुकंपा नियुक्ति: अगर कर्मचारी की मृत्यु हो जाए, तो परिवार को नौकरी या पैसा मिलेगा।
- विशेष अवकाश: जरूरत पड़ने पर छुट्टी ले सकते हैं।
- जांच में वेतन: अगर जांच चल रही हो, तो 50% वेतन मिलेगा।
- ऑनलाइन ट्रांसफर: ट्रांसफर की प्रक्रिया अब ऑनलाइन होगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।
लागू करने की प्रक्रिया
श्रमिकों को ये बढ़ोतरी अपने आप मिल जाएगी। आपको कुछ करने की जरूरत नहीं। आपका एम्प्लॉयर इसे अपने रिकॉर्ड में अपडेट करेगा और 1 मार्च 2025 से नई सैलरी देगा। अगर आप संविदा कर्मचारी हैं, तो अपने NHM ऑफिस से नई पॉलिसी की डिटेल्स ले सकते हैं।
जरूरी कागजात
श्रमिकों के लिए कोई अलग से कागजात की जरूरत नहीं, क्योंकि ये एम्प्लॉयर के जरिए लागू होगा। लेकिन संविदा कर्मचारी अगर नई पॉलिसी का फायदा लेना चाहते हैं, तो ये तैयार रखें:
- आधार कार्ड।
- बैंक पासबुक (आधार से लिंक होना चाहिए)।
- NHM कॉन्ट्रैक्ट की कॉपी।
- निवास प्रमाण (अगर जरूरत पड़े)।
ध्यान रखने वाली बातें
अगर आप संविदा कर्मचारी हैं तो सही डिटेल्स दो वरना फायदा रुक सकता है। अभी सरकार ने एरियर (पिछला बकाया) के बारे में कुछ साफ नहीं कहा है। अगर नया वेतन नहीं मिले तो श्रम विभाग में शिकायत कर सकते हो। टेक्सटाइल वालों को अभी इन्तजार करना पड़ेगा और अगर आप इस सेक्टर में हैं तो थोड़ा सब्र रखो क्योंकि आपके लिए नई दरें बाद में आएंगी।
चुनौतियां क्या हैं?
मध्य प्रदेश में लागु होने वाली इस योजना से प्रदेश में कई चुनौतियों का सामना भी सरकार के साथ साथ में उधोगों को करना पड़ेगा जिसमे उद्योगों पर बोझ बढ़ेगा और कुछ फैक्ट्रियों को लागत बढ़ने की टेंशन हो सकती है। इसके अलावा एरियर का झंझट भी होने वाला है क्योकंकी बकाया पैसा कब और कैसे मिलेगा ये अभी साफ नहीं। इसके अलावा छोटे कारोबारियों को इसे लागू करने में परेशानी हो सकती है।
ये योजना मध्य प्रदेश के श्रमिकों और संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ा गिफ्ट है। 21 लाख मजदूरों को हर महीने ज्यादा पैसा मिलेगा तो उनकी जिंदगी आसान होगी। साथ ही, NHM कर्मचारियों की नई पॉलिसी से 1.5 लाख लोगों को फायदा होगा। बस अपने अधिकारों का ध्यान रखो और अगर कोई दिक्कत हो तो श्रम विभाग या NHM ऑफिस से बात करो। मेहनत का फल अब जेब में आएगा तो इसका पूरा मजा लो।
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